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पेट्रोल की कीमतों को कम करने के लिए मोदी सरकार बना रही है ये प्लान

भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़त्तोरी हो रही है. दरअसल अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और यही वजह है कि पेट्रोलियम पदार्थों के दाम रिकार्ड स्तर पर पहुंच गए हैं. दिल्ली में पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमत मे इतनी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. इससे पहले 2013 मे ऐसी नौबत आई थी. इस बीच इस मुद्दे को लेकर सियासती गलियारों में भी चर्चाएं गर्म होने लगी हैं. विपक्ष ने इसके लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर निशाना साधा है हालांकि मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों को कम करने के न केवल संकेत दिए हैं बल्कि इससे उबरने के लिए रास्ता भी ढूंढ निकाला है.

क्रूड ऑइल सप्लाई करने की पाइपलाइन: (Image Source)

अब पीएम मोदी ऐसे करेंगे पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी-

खबर की मानें तो मोदी सरकार के पास एक ऐसा ऑफर है जिससे पेट्रोल की कीमत 23 रुपये 35 पैसे  और डीजल की कीमत 21 रुपये तक सस्ती हो सकती है. अब अगर नरेन्द्र मोदी की सरकार इस ऑफर को मान लेती है तो देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में स्थायी ब्रेक लग सकता है, हालांकि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय को ही लेना है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी: (Image Source)

क्या है यह ऑफर-

दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला ने कहा है कि अगर भारत उसके कैरेंसी पेट्रो का यूज करे तो वह उसे कम से कम 30 फीसदी कम कीमत पर तेल देने को तैयार है. वेनेजुएला ने कुछ दिनों पहले ही न्यू ब्लॉकचैन तकनीक पर आधारित क्रिप्टोकैरेंसी ‘पेट्रो’ लॉन्च किया है. अब अगर भारत वेनेजुएला के इस ऑफर को लेने के लिए तैयार हो जाता है तो उसे इस ऑफर का लाभ मिल सकता है.

वेनेजुएलन पेट्रो क्रिप्टोकैरेंसी: (Image Source)

पेट्रोलियम से जुड़ी दुनिया की पहली क्रिप्टोकैरेंसी-

‘पेट्रो’ किसी भी देश द्वारा चलायी गई पहली क्रिप्टोकैरेंसी है जो कि ‘पेट्रोलियम’ नाम से ही लिया गया है. वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कच्चे तेल पर निर्भर करती है यहां पर कच्चे तेल के विशाल भंडार हैं जिसमें 300 अरब बैरल तेल सुरक्षित हैं. दूसरे स्थान पर सऊदी अरब है जिसके पास 266 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ‘पेट्रो’ को दिखाते हुए: (image Source)

भारत सबसे ज्यादा क्रूड ऑयल आयात करता है-

भारत अपनी जरुरत का 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. इस जरुरत के लिहाज से देखा जाय तो  भारत वेनेजुएला से अगर इस क्रिप्टोकैरेंसी के जरिए तेल आयात करे तो इसके कीमत में भारी कमी आ सकती है. जिससे मंहगाई की दरों में कमी तो आएगी ही लोगों को काफी हद तक इस समस्या से निजात मिल सकती है.

कच्चे तेल से भरा एक टैंकर: (image Source)

वेनेजुएला की टीम का भारत दौरा-

पिछले महीने वेनेजुएला के ब्लैकचेन डिपार्टमेंट की एक टीम इस सिलसिले में जरुरी बातचीत के लिए भारत के दौरे पर थी. इस दौरान इस टीम ने दिल्ली स्थित एक बिटक्वॉइन ट्रेडिंग फर्म ‘क्वॉइनसिक्योर’ से एक डील भी की है. वेनेजुएला के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भाऱत के प्राइवेट सेक्टर से अच्छा रिस्पाँस मिला है. इस मीटिंग के बाद वेनेजुएला ने ‘पेट्रो’ के जरिए 30 फीसदी कम रेट पर  कच्चा तेल देने की बात कही है.

प्रधानमंत्री मोदी तेल उत्पादक देशों के एक प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए: (Image Source)

प्रधानमंत्री मोदी का तेल उत्पादक देशों के साथ कच्चे तेल की कीमते तय करने में साझेदारी दिखाने का वादा अब रंग लाने लगा है औऱ वेनेजुएला का ऑफर इसी रणनीति और आपसी समझ का एक हिस्सा है. भारत में करीब 86 फीसदी माल की ढुलाई ट्रकों के जरिए होती है ऐसे में ढुलाई महंगी होने से आम लोगों की जरुरत की सभी चीजें महंगी हो रही हैं जिससे भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है. तेल की कीमत में बढ़ोत्तरी अर्थव्यवस्था  के लिए एक झटके के समान है जो वृध्दि दर को कम कर देती है. उम्मीद है कि जल्द ही पेट्रो के जरिए भारत वेनेजुएला से तेल खरीदने की स्थिति में होगा जिससे आम जनता के साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

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