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सरकार द्वारा लालकिले को “बेचे” जाने के विवाद पर चेतन भगत ने जो कहा वो देखकर आपकी आँखें खुल जाएंगी !

लालकिला को लेकर सिशल मीडिया पर जमकर चर्चा की जा रही है. इसी के साथ ही मोदी सरकार को बदनाम भी किया जा रहा है. मोदी विरोधी लोग सोशल मीडिया पर ख़बरें फैला रहे हैं कि मोदी सरकार ने लालकिले को डालमिया ग्रुप के लिए 25 करोड़ रुपए में बेच दिया है. इसी खबर को लेकर मशहूर लेखक चेतन भगत ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया है.

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चेतन भगत ने लालकिले को बेचे जाने की खबर को देखते हुए लिखा है और उन लोगों पर निशाना साधा है जो ये कह रहे हैं कि मोदी सरकार ने लालकिला बेच दिया. चेतन भगत ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि “अगर आप अपने घर को साफ करने के लिए किसी को किराए पर देते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपना घर बेच रहे हैं. नहीं, लाल किला बेचा नहीं जा रहा है. यह सरकार का तरीका है कि इससे सरकार के कुछ पैसे भी बचेंगे और स्मारक भी सुरक्षित रहेगा.”

चेतन भगत ने अपने इस ट्वीट के माध्यम से ऐसे लोगों पर निशाना साधा है जो मोदी सरकार को बदनाम करने में लगे हुए हैं. अब आपको बताते हैं कि दरअसल पूरा मामला क्या है ? मोदी सरकार ने लालकिले की देखरेख, रखरखाव आदि के लिए इसे गोद दिया है. अब आपको 25 करोड़ वाली बात बताते हैं. ऐसा नहीं है कि डालमिया ग्रुप ने मोदी सरकार को 25 करोड़ दिए और लाल किले का ठेका 5 साल के लिए मिल गया हो. एक नियम क़ानून के तहत इसे डालमिया ग्रुप को दिया गया है. एक चीज होती है CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) मतलब कंपनी करेगी समाज सेवा. भारत सरकार ने एक नियम बनाया है. कहा बड़ी-बड़ी कंपनियां जो भारत में चलती हैं वो अपने मुनाफे का एक हिस्सा समाज और समाज के लोगों की भलाई के लिए खर्च करेंगी. इसी पालिसी के तहत ये सब हुआ है.

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इस नियम के तहत कोई कंपनी CSR के तहत कोई काम करने का बीड़ा उठाती है तो सरकार को बताती है कि इसमें प्रत्येक वर्ष लगभग कितना खर्च करेगी. तो हो सकता है कि डालमिया समूह ने सरकार से कहा हो कि वो प्रत्येक वर्ष लगभग 5 करोड़ खर्च करेगी. यानी 5 साल में 25 करोड़. सरकार की इस योजना के तहत गोद लेने वाली कम्पनी को मुख्य बातें ध्यान रखनी पड़ेंगी. जो सरकार की वेबसाइट पर साफ़ शब्दों में लिखी गईं हैं. इस वेबसाइट में साफ-साफ बता दिया गया है कि कंपनी अगर किसी हेरिटेज साइट को गोद लेती है तो क्या करेगी.  तीन चीजें मुख्य हैं.साफ- सफाई, जन सुविधाएं, वहां लोग आसानी से आ-जा सकें इसका इंतजाम.