Breaking News
Home / Breaking News / पीएम मोदी के रास्ते में TMC कार्यकर्ताओं ने किया था कुछ ऐसा जिसे देख मोदी जी ने कहा, ‘मेरे रास्ते में हाथ जोड़े हुए..

पीएम मोदी के रास्ते में TMC कार्यकर्ताओं ने किया था कुछ ऐसा जिसे देख मोदी जी ने कहा, ‘मेरे रास्ते में हाथ जोड़े हुए..

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जूलाई को प.बंगाल के मिदनापुर दौरे पर आये हुए थे जहां उन्होंने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया था. उन्होंने कहा कि, ‘मैं ममता दीदी के स्वागत से अभिभूत हूं जो उन्होंने मेरा इस कदर स्वागत किया हैं. वो मेरे स्वागत में इस कदर हाथ जोड़े खड़ी रहेंगी मैने कभी सोचा भी नहीं था. उनके हाथ जोड़े खड़े रहने से मुझे ऐसा लग रहा था कि वो मेरे प.बंगाल आने का बहुत ही बेसब्री से इंतजार कर रहीं हो.’

अब आप यह सोच रहे होंगे कि आखिर ममता बनर्जी पीएम मोदी के स्वागत मे हाथ जोड़े कैसे खड़ी हो सकती हैं ? आइये हम आपको बताते हैं कि आखिर क्या हैं पूरा माजरा

प.बंगाल के मेदिनापुर में केंद्रिय मंत्री रविशंकर प्रसाद के साथ पीएम मोदी ( image source : india today)

‘मैं अभिभूत हूं’

पीएम मोदी इस रैली के दौरान आम जनसभा रैली को संबोधन करते हुए कहा था कि,’ जब मैं एयरपोर्ट से मिदनापुर की तरफ आ रहा था तो मैंने ममता दीदी को हाथ जोड़े खड़ा देखा था जो कि मेरे लिए बहुत ही सौभाग्य की बात हैं.’ गौरतलब हैं कि पीएम मोदी ने यह कटाक्ष उन बैनरों एवं पोस्टरों पर किया था जो उनके जनसभा रैली के ठीक एक-दो दिन पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं के द्वारा लगाया गया था.

पीएम मोदी ने इस सभा को संबोधित करने के दौरान कहा कि,’ ममता दीदी ने जिस तरह हमारे काम को सराहा हैं उससे मैं अभिभूत हूं. शायद ही कोई पार्टी ऐसी होगी जो इस तरह का स्वागत करती हो.’

पीएम मोदी की रैली के दौरान लगा हुआ ममता बनर्जी का पोस्टर ( image source: indian express)

किसी सरकार ने नहीं उठाया था ऐसा कदम

आपको बता दें कि पीएम मोदी ने इस रैली में  किसानों को सरकार द्वारा दिये गये सुविधाएं एवं फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्यों के बारे में बताया था. जिस दौरान उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें सिर्फ न्यूनतम समर्थन मूल्यों पर बातें करती थी हमने उस मूल्यों मे बढ़ोतरी करने का काम किया हैं जिससे किसानों को कोई समस्या उत्पन्न न हो और वो अपना जीवन सुखमय जी सके. उन्हें फसल का उचित लागत मिल सके जिससे वो ऋण से ग्रसित न हो सके. क्योंकि किसान जब फसल पैदा करते हैं तो उसकी सबसे बड़ी समस्या फसल की लागत की वसूली एवं मुनाफा कमाना होता हैं, जो कि पहले की सरकारों की नीतियों मे नहीं होती थी.

यह एक ऐतिहासिक रैली

पीएम मोदी की यह रैली एक ऐतिहासिक रैली थी क्योंकि इस सभा के दौरान जितने भी किसान आये हुए थे उसकी किसी ने उम्मीद तक नहीं की थी. ममता ने पीएम मोदी के इस रैली को सफल  न होने के लिए अपनी एड़ी चोटी एक कर दी थी लेकिन जिस तरह आमजन ने इस सभा में अपनी रूचि दिखाई और बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया वो ममता बनर्जी के उन सभी प्रयासों पर एक करारा तमाचा हैं.

अब एक सवाल आपके लिए

क्या हमें ऐसे पार्टी का समर्थन करना चाहिए जो आमजन को जागरूक न होने देना चाहती हो?