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NRC मामले में हुआ बड़ा खुलासा, ममता बनर्जी सरकार ने NRC अधिकारियों को..

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने असम में बसे बांग्लादेशी घुसपैठियों को एनआरसी के तहत चिह्नित कर लिया है. इसकी शुरुआत हुई है असम से. जहां अभी तक 40 लाख लोगों को चिह्नित किया गया है, जो बांग्लादेश की सीमा पार कर भारत में गैर-कानूनी तरीके से घुस आए हैं और पिछले कई सालों से भारत में अपना डेरा जमाया है. अब उन्हें निकालने की प्रक्रिया शुरु कर दी है मोदी सरकार ने और जल्द ही हर राज्य से ऐसे लोगों को खदेड़ा जाएगा. इस प्रक्रिया का नाम है NRC(National Register Of Citizens).

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने एनआरसी लेकर आई जिसके बाद अब बांग्लादेशी घुसपैठियों की खैर नहीं(image source: DNA)

पश्चिम बंगाल है सबसे बड़ा डिफॉल्टर

जब से मोदी सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को पहचाना गया है देश से बाहर करने का फरमान जारी किया है, उसके बाद से तमाम विपक्षी पार्टियां उन घुसपैठियों की पैरवी करने में लग गई है और खुलकर सरकार के विरोध में सामने आ रही है. उन घुसपैठियों को निकालने का अगर सबसे ज्यादा बुरा किसी को लगा है तो वो है पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. वो आए दिन केंद्र सरकार पर इस मामले को लेकर हमलावर रुख अपनाए हुए है. लेकिन, जो खबर हम बताने वाले हैं उसके बाद तो ममता बनर्जी की फजीहत होनी तो तय है.

Registrar general of india शैलेश(image source: prokerala)

ये तो सबको पता है कि, अगर भारत के किसी राज्य में सबसे ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठी हैं तो वो ममता बनर्जी के राज्य पश्चिम बंगाल है. एनआरसी संबंधी प्रमाणन प्रक्रिया के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं उसके मुताबिक, पश्चिम बंगाल सबसे बड़ा डिफॉल्टर राज्य है. इस बात की जानकारी खुद भारत के महापंजीयक एवं जनगणना(आरजीआई) आयुक्त शैलेश ने दी ही. शैलेश ने ये भी कहा कि, ‘आरजीआई ने अपने बहुत सारे स्टाफ को भी पश्चिम बंगाल सरकार की मदद को लगाया जिससे एनआरसी अधिकारियों द्वारा मांगे गए दस्तावेजों को इकट्ठा करने में आसानी हो, लेकिन, इसके बावजूद राज्य की सरकार से कोई मदद नहीं मिली और हमारा प्रयास बेकार गया’.

शैलेश ने ये भी किया खुलासा

ममता बनर्जी के राज्य का पोल खोलते हुए आरजीआई आयुक्त शैलेश ने बताया कि, ‘भारत के सभी राज्यों के मुकाबले, पश्चिम बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है जहां से हमें ज्यादातर दस्तावेज नहीं मिले हैं. इसके बावजूद पश्चिम बंगाल का जवाब भी असंतोषजनक था’. शैलेश ने आगे अपनी बात रखते हुए बताया कि, ‘जब एनआरसी के अधिकारियों को बंगाल से दस्तावेज नहीं मिले तो उन्होंने पश्चिम बंगाल के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की. इस बैठक में राज्य के अधिकारियों से जवाब देने को कहा गया कि, आखिर ज्यादातर दस्तावेज कहां गए’.

एनआरसी के विरोध में ममता बनर्जी ने गृहयुद्ध तक की धमकी दे चुकी हैं(image source: financial express)

अब आरजीआई आयुक्त खुद ममता बनर्जी के राज्य के बारे में पोल खोलते नजर आ रहे हैं तो ये एक बड़ी बात है. जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आए दिन घुसपैठियों की पैरवी करती नजर आती हैं और कहती हैं कि एक साथ इतने लोगों को देश से बाहर निकाले जाने पर देश में रक्तपात और गृहयुद्ध छिड़ जाएगा. लेकिन वो खुद अपने राज्य पर ध्यान नहीं दे रही हैं कि, आखिर वहां हो क्या रहा है? आखिर वहां से इतने सारे दस्तावेज कहां गए? आखिर एनआरसी के अधिकारियों को राज्य से संतोषजनक जवाब क्यों नहीं मिल रहे हैं?

NEWS SOURCE: NEWS18