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जानिए क्यों अमेरिका के एक फोन के बाद उतर गया पाकिस्तान के पीएम इमरान खान का मुंह, आखिर क्या था उस ‘फोन कॉल’ में !

जहा भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के रास्ते सरपट दौड़ रहा है तो वहीँ पड़ोसी देश पाकिस्तान अपनी हरकतों की वजह से दुनियाभर में निशाने पर बना हुआ है. कहने को तो पाक को नया प्रधानमन्त्री मिला है लेकिन इस देश की जो हरकतें हैं वो उसके भविष्य को ख़राब कर रही हैं. दरअसल इमरान खान कई मौकों पर ये कह चुके हैं कि ‘पाकिस्तान की हालत को हम बदलने आये हैं और एक नया पाकिस्तान लेकर आयेंगे.’ हालाँकि इमरान खान की इन बातों में जरा सा भी दम नजर नहीं आता क्योंकि जिस पाकिस्तान पर आतंकवादियों के पनाहगाह होने की तोहमत लगती है वो पाकिस्तान अभी भी नहीं सुधरा है.

अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 2100 करोड़ की मदद पर रोक लगा दी है

2100 करोड़ रूपये की मदद पर रोक

अफगानिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे आतंकवादियों को पनाह देने के मामले में अमेरिका ने पहले ही पाकिस्तना को चेतावनी जारी कर रखी है. उसके लिए जनवरी में अमेरिका ने 50 करोड़ डॉलर की मदद पर रोक भी लगा दी थी. इसके बावजूद पाकिस्तान ने अपने रवैये में सुधार नही किया. जिसका खामियाजा ये हुआ कि अब अमेरिका ने फिर 2100 करोड़ रूपये की मदद पर रोक लगा दिया है. फ़िलहाल दिलचस्प ये है कि ये सब एक फोन कॉल की वजह से हुआ है. आपको बताते पूरा मामला !

अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो (फोटो सोर्स: ट्विटर)

एक ‘फोन कॉल’ की वजह से हुआ

दरअसल कुछ दिन पहले अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पाक के पीएम इमरान खान को फोन करके पाकिस्तान की जमीन से चल रहे आतंकवादियों के कैम्पों पर कार्रवाई करने की बात कही. इस फोन के तुरंत बाद पाकिस्तान की तरफ से बयान जारी कर दिया गया है कि ऐसा कोई कॉल नहीं आया था. बस फिर क्या था, इसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते और ख़राब हो गये. नतीजन अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली अन्य 2100 करोड़ रूपये की मदद पर रोक लगा दिया.

अब सोचने वाली बात ये है कि जो पाकिस्तान भारत को चीन के दम पर आँख दिखाता रहता है वो, जो पाकिस्तान कंगाली की हालत के बाद भी आतंकवादियों के लिए पनाहगाह बना हुआ है उस पाकिस्तान को इमरान खान अमेरिकी मदद की रोक के बाद आगे कैसे ले जाते हैं.