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सामने बैठे थे जेटली और नायडू जी ने माइक पर कहा “ये बात अरुण जी को अच्छी नहीं लगेगी”, देखिये क्या हुआ आगे जिसने सबको किया हैरान

केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद से मोदी सरकार ने कामयाबी के नए-नए आयाम छुए हैं. मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे वेंकैया नायडू फिर चुनाव जीतकर उपराष्ट्रपति बने. बतौर उपराष्ट्रपति उन्होंने एक साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है. एक साल पूरा होने पर वेंकैया नायडू ने एक किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने अपने एक साल के अनुभव साझा किये हैं. इस ख़ास मौके पर उनकी पुस्तक का लोकार्पण कार्यक्रम दिल्ली में रखा गया, जिसमें पीएम मोदी समेत विपक्ष के भी कई बड़े नेता मौजूद रहे. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी उनकी पुस्तक लोकार्पण के लिए आये थे.

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जानकारी के लिए बता दें कि उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने अपनी पुस्तक के विमोचन के समय वित्त मंत्री अरुण जेटली को लेकर कुछ ऐसा कहा कि जानकर आप भी यकीन नही कर पाएंगे. नायडू जी ने कहा कि वह जो बात कहेंगे वह वित्त मंत्री अरुण जेटली को शायद अच्छी नहीं लगेगी. सबसे बड़ी बात ये है कि जब उन्होंने यह बात कही थी तो इस दौरान अरुण जेटली उनके सामने ही बैठे थे. रविवार यानी 2 सितंबर को वेंकैया नायडू ने अपना उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा किया.

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पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम के दौरान वेंकैया नायडू ने कहा कि “कृषि क्षेत्र को लगातार सहारा दिए जाने की जरूरत है। वित्त मंत्री भी यहां हैं. हो सकता है कि उन्हें मेरी बात पसंद न आए, क्योंकि उन्हें सबका ख्याल रखना पड़ता है. मगर आगामी दिनों में कृषि क्षेत्र के प्रति अधिक ध्यान देना पड़ेगा। वरना लोग इसमें लाभ न होने के कारण खेती-किसानी छोड़ने लगेंगे.” ये बात उन्होंने अरुण जेटली के सामने ही बोली. दरअसल वेंकैया नायडू अपनी बेबाकी और अपने काम के प्रति सजगता को लेकर जाने जाते हैं.

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उन्होंने आगे कहा, “संसद की कार्यशैली को लेकर मैं थोड़ा नाखुश हूं. क्योंकि वह उस तरह काम नहीं कर रही, जैसे उसे करना चाहिए. बाकी चीजों में हम आगे बढ़ रहे हैं. विश्व बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक और वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम जो भी रेटिंग दे रहे हैं, वे अच्छी हैं. आर्थिक मोर्चे पर जो कुछ भी हो रहा है, वह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है.” आप खुद देख सकते हैं कि किस तरह नायडू ने जेटली को खुले में सलाह दी. इस तरह बोलने की हिम्मत बीजेपी नेताओं में ही देखने को मिलती है. सही बात को सही और गलत को गलत बोलना भाजपा के नेताओं में ही देखने को मिल सकता है. ऐसा सहयोग और विचार-विमर्श मोदी सरकार में देखने को मिला है.

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गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने उनकी किताब का विमोचन किया. उनकी किताब का नाम ‘मूविंग ऑन मूविंग फॉरवर्डः” है. इस कार्यक्रम में एचडी देवगौड़ा, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन,केंद्रीय मंत्री अरुण और पूर्व पीएम मनमोहन समेत कई नेता मौजूद थे. इस ख़ास मौके पर पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि “अटल जी नाइडू जी के जिम्मे एक मंत्रालय देना चाहते थे. वैंकेया जी ने कहा था, ‘मैं ग्रामीण विकास मंत्री बनना चाहूंगा.’ वह दिल से किसान हैं. किसानों और कृषि क्षेत्र के कल्याण के लिए वह समर्पित रहते हैं.” 

News Source-Jansatta