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रूस सरकार ने रायफल डील में अडानी ग्रुप को पार्टनर बनाने के लिए किया मोदी सरकार से आग्रह तो मिला ऐसा जवाब

राफेल डील को लेकर कांग्रेस बुरी तरह फंसती दिख रही है. पिछले काफी समय से कांग्रेस राफेल डील को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साध के लोगों को गुमराह करना चाह रही है मगर उनकी इस शर्मनाक हरकत की सच्चाई सभी के सामने आ चुकी है. राहुल गाँधी अलग-अलग जगह जाकर राफेल डील की अलग-अलग ही कीमत बता रहे हैं. जिससे यही साफ़ होता है कि कांग्रेस फिजूल में जनता को गुमराह कर रही है और सुर्ख़ियों में बना रहना चाह रही है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने अपने दोस्तों की मदद करने के लिए राफेल डील से देश को नुक्सान कराया. मगर अब रूस से एक राइफल डील को लेकर ऐसी बात सामने आई है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे.

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जानकारी के लिए बता दे कि भारत ने 3 हजार करोड़ में भारतीय सेना के लिए  AK-103 असॉल्‍ट राइफल बनाने का ठेका रूस को दिया है. आपको जानकर हैरानी होगी रूस ने इस उत्पादन के लिए अडानी ग्रुप को अपना पार्टनर बनाने के लिए मोदी सरकार से आग्रह किया था. इसके बदले में मोदी सरकार ने जो जवाब दिया वो बहुतों की बोलती बंद कर देगा. जी हाँ मोदी सरकार ने मॉस्को के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.

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दरअसल भारत और रूस के बीच ये डील अप्रैल के महीने में हुई थी, जिसमें तय हुआ कि AK-103 असॉल्‍ट राइफल का निर्माण रूसी क्‍लाशिनकोव कंसर्न कंपनी करेगी. इस कंपनी के साथ भारत की सरकारी क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज पार्टनर रहेगी. सरकार के इस प्रस्ताव के बाद रूस का कहना था कि समझौते के तहत उत्पादन के लिए विदेशी कंपनी के पास भारतीय कम्पनी को पार्टनर बनाने का विकल्प नहीं है. बता दें रूस अडानी ग्रुप को अपना पार्टनर बनाना चाह रहा था. रूस की इस शर्त के बाद अगस्त में रक्षा मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया.

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गौरतलब है कि मोदी सरकार के इस कदम के बाद रूस भी चौंक गया होगा. सूत्रों का यह भी कहना है कि भारत ने रूस की इस बात को लेकर कहा कि अगर आप अडानी अपना पार्टनर बनाने पर जोर डालेंगे तो उन्‍हें निविदा प्रक्रिया के तौर-तरीके अपनाकर इसका टेंडर भरना पड़ेगा. मोदी सरकार जबसे सत्ता में आई है वह मेक इन इंडिया के तहत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में स्वदेशी कंपनियों को बढ़ाने का काम कर रही है. सूत्रों के अनुसार फ्रेंच कंपनी डसॉल्‍ट को रिलायंस डिफेंस को पार्टनर बनाने के लिए अनुमति दी गयी थी जिससे अक्टूबर तक इस करार को पूरा किया जा सके लेकिन अब ताजा हाल को लेकर इसमें देरी हो सकती है. अक्टूबर के महीने में पीएम मोदी रूस जाने वाले हैं वहां जाने के बाद इस डील के तहत भारत अपने मित्र देश रूस से 6 लाख AK-103 असॉल्‍ट राइफल खरीदेगा. पीएम मोदी के करीबी माने जाने वाले अदानी को पार्टनर बनाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया. यह कांग्रेस के आरोपों को खारिज करता जिसमें मोदी सरकार का अपने “दोस्तों” को फायदा पहुंचाने की बात की गयी है.

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